Tuesday, June 8, 2021

 

दोस्तों,इस "सरल जीवन जीने की कला " पुस्तक में आपको बहुत कुछ सीखने को मिलेगा। मैं आशा करता हूँ कि आप इस पुस्तक को पढकर अपने जीवन को सफल बना पाये गए। इस पुस्तक को पढने से पहले कुछ बातो का ध्यान रखे:-
1.
इस पुस्तक के जैसे भाव हो वैसे भाव आपके मन में चल रहे होने चाहिए। जैसे गेंद का शब्द आये तो आपके मन में गेंद का दृश्य आना चाहिए।
2.
शुरूआत में थोड़ा-थोड़ा पढ़ें।
3.
जब तक पहला भाग समझ में ना आये तो आप दूसरे भाग पर ना जाये।
4.
जो कुछ भी पढ़े उसका अभ्यास अवश्य करे और उसको अपने जीवन में आपना लें।
5.
जो कुछ भी पढ़े उसे इस तरह पढ़े कि आपको इसको पढने के बाद किसी दूसरों को अच्छे से इसके बारे में बता सके।
मैं "सरल जीवन जीने की कला " पुस्तक उन भाईयों और बहनों के लिए लिखने जा रहा हूँ जो आपने लिए आपने समाज के लिए कुछ करना चाहते हैं और इस समाज में अपनी एक अलग पहचान बनाना चाहते हैं। इस समाज में बेरोजगारी और भुखमरी ने अपने पैर फैला दिये हैं। हर जगह बेरोजगार व्यक्ति दिखाई दे रहा हैं। जो लोग पढाई लिखाई करने के बाद सिर्फ नौकरी करने के बारे में सोचते हैं। उनमें से कुछ लोगों को ही नौकरी मिल पाती हैं जिन्हे नौकरी मिल जाती हैं वे लोग नौकरी करने लग जाते हैं और जिन्हें नौकरी नहीं मिल पाती, वे इंसान उदास हो जाते हैं और वे गलत रास्तो पर चल पडते हैं, गलत इंसान उनका बहुत फायदे उठाते हैं जो उनसे गलत कार्य करवा के उन्हे बहुत बडी मुसीबत में डाल देते हैं, बाद में उन्हे उनके परिवार वालों को बहुत मुसीबत का सामना करना पडता हैं। इसलिए आप गलत अदातों का शिकार बने। क्योकि इन गलत अदातो से हमारा जीवन खराब हो जाता हैं।

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